इंटरनेट क्या होता है? और यह आखिर काम कैसे करता है? What is Internet? And how does it work after all? - हिंदी में

इंटरनेट क्या है? आखिर यह काम कैसे करता है?
आज के समय इंटरनेट पर हम घंटों समय बिताते हैं, दिन हो या रात हमेशा इंटरनेट से जुड़े हुए रहते हैं, इंटरनेट के बिना मानो जिंदगी की कल्पना भी संभव नहीं है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इंटरनेट होता क्या है?(what is Internet?)  और इंटरनेट का इतिहास क्या है?(What is history of internet), भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई, आखिर यह काम कैसे करता है। यह सवाल सुनने में तो बहुत ही आसान और सरल लगते हैं लेकिन इनके जवाब 90% लोग नहीं जानते हैं इसलिए आज हम आपके लिए इन सब का मतलब क्या होता है इसके अलावा इंटरनेट की history, फायदे व नुकसान से लेकर हर उन चीजों के बारे में बताएंगे जिन की जानकारी आप सभी को होनी चाहिए। इसलिए इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

इंटरनेट क्या है? इंटरनेट की परिभाषा (Definition of Internet)

इंटरनेट एक प्रकार का ग्लोबल नेटवर्क होता है, जो कि बहुत सारे कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को आपस में जोड़ने का काम करता है। इंटरनेट से जुड़े दुनिया के किसी भी कोने में स्थित कंप्यूटर एक दूसरे से बड़ी आसानी से डाटा का लेन देन कर सकते हैं।
इंटरनेट से कंप्यूटर(computer) , स्मार्ट फोन(smart phone) , स्मार्ट टीवी(smart TV), गेमिंग कंसोल(Gaming console) जैसे बहुत सारे डिवाइस, टेलीफोन लाइन, केवल, फाइबर  ऑप्टिकल जैसे वायर कनेक्शन (wired connection) और wireless नेटवर्क के जरिए भी जुड़े होते हैं।
जब दो या दो से अधिक सिस्टम(System) आपस में जुड़े होते हैं तो उसे एक नेटवर्क बोल देते हैं। इसी प्रकार प्राइवेट, पब्लिक, स्कूल, कॉलेज, बिजनेस,गवर्नमेंट जैसे बहुत सारे छोटे - बड़े नेटवर्क होते हैं और इन नेटवर्क को इंटरनेट एक-दूसरे को जोड़ने का काम करता है इसलिए हम इंटरनेट को Network of Networks भी कहते हैं।

इंटरनेट का इतिहास (History of Internet - In Hindi)

  • यह घटना है उस समय की जब कोल्ड वार (cold war) चल रहा था, तब संचार - प्रसार को आसान बनाने के लिए 1957 में रूस ने पूरी दुनिया में अपना सबसे पहला आर्टिफिशियल सैटेलाइट (Artificial Satellite) को सफलतापूर्वक शुरू कर दिया।
  • कुछ समय बाद यूएसए(US)  ने Massachusetts Institute of technology (MIT) के साथ मिलकर युद्ध जैसे हालात से छुटकारा पाने के लिए Advanced Research Project Agency (ARPA) की स्थापना कर डाली जिसे आज हम DARPA के नाम से जानते हैं।
  • DARPA ने बड़ी मेहनत के बाद ARPnet नामक एक Communication system बनाया, जिसकी मदद से यूएसए की सेना गोपनीय रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेज सके।
  • Vint cerf और Robet E.kahn ने DARPA के लिए TCP/IP protocol (Transmission control Protocol/Internet Protocol) का निर्माण कर डाला। इसलिए Vint cerf और Rober E. Kahn को इंटरनेट का आविष्कारक माना जाता है।
  • 1980 के अवधि (During) में नेशनल साइंस फाउंडेशन (National Science Foundation) ने एजूकेशन और रिसर्च के लिए NSFnet नाम का एक नेटवर्क बनाया जिसे आगे जाकर ARPAnet के साथ जोड़कर, इस नेटवर्क को इंटरनेट नाम दिया।
  • Tim Berners-lee 1980 के दौरान ही WWW(world wide web) पर रिसर्च करना शुरू कर दिया था, उन्होंने Information Share करने के लिए HTML (Hypertext Markup Language) का निर्माण किया।
  • शुरुआत में इंटरनेट एक तरह से पर्सनल नेटवर्क (Personal Network) था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक विशाल नेटवर्क का रूप ले लिया और आज दुनिया भर के लगभग सभी देशों में इंटरनेट उपलब्ध है।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई? (When did Internet start in India- in hindi)

  • 1986 से भारत में इंटरनेट की शुरुआत हुई, सर्वप्रथम डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स (Department of Electronics) ने सरकार की सहयोग से ERNet (Education Research Network) की स्थापना की जिसका मुख्य लक्ष्य शिक्षा और शोध के छात्रों की जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना था।
  • शुरुआती दौर में IISc (Indian Institutes of Science) बैंगलोर IITs (Indian Institutes of technology) मुंबई, दिल्ली, कानपुर, खड़कपुर और मद्रास जैसे बड़े-बड़े इंस्टिट्यूट को इससे जोड़ा गया।
  • उस समय के सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) ने 14 अगस्त 1995 में इंटरनेट को आम नागरिकों के लिए शुरू किया।
  • बड़े-बड़े शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई के लोग Dail-up connection के जरिए इंटरनेट एक्सेस कर सकते थे।
  • उस समय इसकी स्पीड 9.6 kbits/S  हुआ करता था और $160 में 250 घंटे के लिए इंटरनेट को एक्सेस कर सकते थे।
  • शुरुआती दौर में कई प्रकार की परेशानी झेलनी पड़ी जैसे - हार्डवेयर (Hardware) और Network Issues पर इन सब के बावजूद भी बीएसएनल (VSNL) इंटरनेट लॉन्च होने के मात्र 6 महीने में लगभग 10,000 ग्राहक (Subscribers) जुड़ चुके थे।
  • 1 अक्टूबर 2000 में BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) की स्थापना हुई।
  • सन 2004 में भारत सरकार ने ब्रॉडबैंड पॉलिसी बनाई जिसके अनुसार ब्रॉडबैंड की डाउनलोड स्पीड 256 kbits/S या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • लगभग एक साल बाद से ब्रॉडबैंड इंडस्ट्री (Broadband Industry) ने विकास की रफ्तार पकड़ ली थी लेकिन इसके बायर लाइन टेक्नोलॉजी (Wire-line technology) होने की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
  • लेकिन यहां समस्या भी जल्द ही समाप्त हो गई जब सरकार ने 3G और 4G स्पेक्ट्रम (Spectrum) की नीलामी करना शुरू कर दी इसके बाद वायरलेस ब्रॉडबैंड की शुरुआत हो गई।
  • 10 अप्रैल 2012 को भारत में पहली बार एयरटेल (Airtel) ने 4G सर्विस को लॉन्च किया। उसके बाद से अन्य सभी टेलीकॉम कंपनियों ने इसको फॉलो करना शुरू कर दिया।
  • मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो को 5 सितंबर 2016 में लॉन्च करके देश भर के टेलीकॉम कंपनियों को बहुत बड़ा झटका दिया।
  • रिलायंस जियो ने 2G, 3G को नजरअंदाज करके 4G सर्विस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया।
  • Reliance Jio ने सभी ग्राहकों को 6 माह मुफ्त हाई स्पीड 4G इंटरनेट देना शुरू कर दिया इस मुफ्त के ऑफर का लाभ उठाने के लिए लोगों में हलचल मच गई और सिर्फ एक ही माह में Jio ने 16 मिलीयन सब्सक्राइबर्स बनाकर एक इतिहास बना डाली।
  • Reliance Jio का टेलीकॉम इंडस्ट्री पर ऐसा असर पड़ा कि देश की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone और Idea Cellular को मर्ज करना पड़ा और कंपटीशन (competition) इतना ज्यादा बढ़ गया था कि दूसरे ऑपरेटर को भी अपने डाटा रिचार्ज कम करने पड़े।
  • आज विश्व में भारत इंटरनेट उपयोग करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

इंटरनेट का मालिक कौन है? Who owns the Internet?

इस सवाल का जवाब थोड़ा मुश्किल हो सकता है, अगर देखा जाए तो इंटरनेट एक विशाल नेटवर्क है क्योंकि इसे बहुत सारे नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) से मिलाकर बनाया गया है ऐसे में किसी एक आदमी या संस्था को इसका मालिक बोले ऐसा संभव नहीं है।
अगर दूसरे तरीके से देखा जाए तो इंटरनेट के बहुत सारे मालिक हो सकते हैं क्योंकि इस सिस्टम को चलाने के लिए बहुत सारी चीजों की जरूरत पड़ती है जैसे ऑप्टिकल केबल (Optical cable) , डोमेन नेम (Domain name), आईपी ऐड्रेस (IP address), राउटर (Router) इंटरनेट टावर (Internet Tower) और भी बहुत सारी चीजों की आवश्यकता होती है और इन चीजों के मालिक अलग-अलग हो सकते हैं।
इस प्रकार के कई सारी संस्था है जो इंटरनेट के बहुत सारे स्टैंडर्ड (Standards) को निर्धारित करते हैं लेकिन पूरे इंटरनेट पर यह अपना अधिकार नहीं जमा सकते हैं, कोई भी देश या एक कंपनी इंटरनेट पर अधिकार का दावा नहीं कर सकती है।

इंटरनेट काम कैसे करता है? (How does Internet work?)

इंटरनेट काम कैसे करता है यह जाने से पहले आपको web की बुनियादी जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। सबसे पहले हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर इंटरनेट में डाटा का ट्रांसमिशन (transmission) किस प्रकार होता है मतलब कि इंटरनेट पर सूचनाएं एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे पहुंचती है।
यदि हम किसी भी सर्च इंजन की वेबसाइट को अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन में open करना चाहे तो ऐसी स्थिति में हमारा कंप्यूटर एक क्लाइंट (Client) की तरह वर्क करता है वही सर्च इंजन जिस किसी वेबसाइट के डाटा को दिखाता है यह डाटा जहां स्टोर रहता है उसे web server कहते हैं।
जब हम किसी web browser में google.com डालकर Enter करेंगे तब हमारा कंप्यूटर यानी client गूगल के सर्वर को रिक्वेस्ट (request) सेंड करेगा।

इंटरनेट पर send किए गए रिक्वेस्ट (request) या मैसेज (massage) एक साथ नहीं भेजा जाता है, इन्हें अलग-अलग भागों में तोड़ दिया जाता है जिसे पैकेट्स (packets) कहा जाता है फिर इन पैकेट्स को नेटवर्क के जरिए गंतव्य तक पहुंचाया जाता है, पहुंचने के तुरंत पश्चात इन्हें फिर से जोड़ लिया जाता है।
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि एक ही समय में करोड़ों लोग इंटरनेट एक्सेस कर रहे होते हैं ऐसे में इस पैकेट्स को कैसे पता चलेगा इन्हें कहां जाना है?
इस समस्या का समाधान आईपी एड्रेस (IP address) के उपयोग से किया जाता है जो कि इंटरनेट से जुड़े हर डिवाइस के लिए अलग-अलग तथा अनोखा होता है जिससे उस डिवाइस (Device) के एड्रेस का पता चल जाता है।
अब चलिए हम Step by Step सीखते हैं कि आखिर इंटरनेट कैसे काम करता है:-
  1. सबसे पहले आप किसी भी ब्राउज़र (browser) के एड्रेस बार (Address bar) में किसी वेबसाइट का एड्रेस लिखते हैं या हाइपरलिंक (Hyperlink) पर क्लिक करते हैं।
  2. ब्राउज़र यूआरएल (browser URL) से पता लगाता है की वेबसाइट कौन सा प्रोटोकॉल यूज कर रहा है।
  3. ब्राउज़र आपके ISP (Internet Service Provider) को अनुरोध (request) Send करता है।
  4. ISP के पास DNS का डेटाबेस होता है, जिसमें डोमेन नेम (domain name) और आईपी ऐड्रेस (IP address) की जानकारी होती है।
  5. जैसे ही आईपी (IP) मिल जाती है उसके बाद वेबसाइट के सर्वर का एड्रेस का पता चल जाता है और वेब पेज के लिए उस सरवर को अनुरोध (request) भेज दिया जाता है।
  6. Server आपके आईएसपी (ISP) को यह वेब पेज send कर देता है।
  7. आपका ISP उस वेब पेज को आपके ब्राउज़र पर भेज देता है और वेब पेज आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर ओपन हो जाता है।

इंटरनेट का उपयोग (Use of Internet - हिंदी में)

इंटरनेट आज के दौर में हमारे लाइफ का एक हिस्सा बन चुका है आज हर दफ्तर, स्कूल, बैंक, कॉलेज इत्यादि किसी ना किसी रूप से इंटरनेट से जुड़े हुए है,
अब चलिए देखते हैं कि हम इंटरनेट का किस-किस रूप में यूज कर सकते हैं।
  • समाचार 
  • ईमेल
  • अनुसंधान करना
  • ऑनलाइन बैंकिंग
  • सोशल नेटवर्किंग जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि 
  •  ई - बुक और ऑनलाइन  मैगजीन
  •  ई-कॉमर्स 
  • ऑनलाइन गेम खेलना
  • टिकट बुक करना 
  • फाइल डाउनलोड करना 
  • ऑनलाइन वीडियो और मूवी देखना 
  • ऑनलाइन पढ़ाई 
  • फ्रीलांसिंग 
  • जॉब सर्च करना

इंटरनेट के फायदे

यदि इंटरनेट के फायदे की बात की जाए तो इसके बहुत सारे फायदे हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित है:-

सूचनाओं का भंडार:- इस इंटरनेट की दुनिया में अनगिनत जानकारियों और सूचनाओं का भंडार उपलब्ध है जिसे आप आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।
हमेशा उपलब्ध:- इंटरनेट का यूज आप हर समय कर सकते हैं, चाहे दिन हो या रात 24 घंटे, 365 दिन कभी भी इसका यूज आप कर सकते हैं यह हमेशा उपलब्ध रहता है।
सरल और कम लागत:- इंटरनेट आपके बिजनेस को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए सबसे सरल और कम लागत वाली माध्यम है इससे आप देश विदेश तक अपने कारोबार को पहुंचा सकते हैं।
सबसे तेज:- सूचनाओ और जानकारी के लेन-देन का सबसे तेज और बेहतरीन माध्यम है।
उपयोग करना आसान है:- इंटरनेट ने बहुत सारे काम को आसान कर दिया है अब हम ऑनलाइन टिकट बुकिंग कर सकते हैं जिससे हमें स्टेशन पर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है ठीक इसी प्रकार हमें दुकानों में जाकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है अब हम ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं।
ऑनलाइन शिक्षा:- आज के इस दौर में आप घर बैठे - बैठे बड़े -बड़े संस्थानों के प्रोफेसर और एक्सपर्ट से ऑनलाइन शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन पैसा:- अब आपको पैसा कमाने के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि आप अपने स्किल से ऑनलाइन पैसा कमा सकते हैं।
ऑनलाइन मीटिंग:- अब आप अपने सहयोगी और कर्मचारियों से ऑनलाइन मीटिंग कर सकते हैं इससे आप अपने समय की बचत कर सकते हैं और उत्पादन को बहुत ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

इंटरनेट से हानि

स्वास्थ्य पर असर:- यदि आप दिनभर कंप्यूटर और मोबाइल पर लगे रहते हैं तो इसका असर आपके सेहत पर भी देखने को मिलता है।
वायरस और मैलवेयर:- इंटरनेट की दुनिया में कुछ ऐसे भी वेबसाइट है जहां से अपने आप वायरस और मैलवेयर हमारे कंप्यूटर, स्मार्ट फोन, लैपटॉप में डाउनलोड हो जाते हैं जो कि हमारे कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप में उपस्थित महत्वपूर्ण Data को नष्ट भी कर सकता है।
धोखे धड़ी का शिकार:- बहुत सारे वेबसाइट रियल नहीं होते हैं लेकिन यह दिखने में बिल्कुल असली लगते हैं अब अगर इस दौरान आप इनको अपने अकाउंट की डिटेल्स दे देते हैं तो आपके अकाउंट से सारे पैसे उड़ सकते हैं।
हैकिंग का खतरा:- अगर कभी आपका कंप्यूटर हैक हो जाता है, तो आपका बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है आपके पर्सनल डिटेल चोरी हो सकती है और उसका गलत तरीके से उपयोग हो सकता है।
डार्क वेब:- आपको जानकर शौक लगेगा कि हम इंटरनेट पर उपलब्ध वेबसाइट में से केवल 4% का ही उपयोग करते हैं जबकि बाकी के 96% भाग से हम अज्ञात हैं जो कि कई तरह के गलत काम करते हैं, जैसे:- ड्रग्स, हथियार बेचना - खरीदना जैसे गैर कानूनी काम किए जाते हैं इस भाग को Dark Web कहते हैं।
अफवाह और झूठी खबरें:- आपने सामाजिक मीडिया (social media) पर ऐसे बहुत सारे खबरों को पढ़ा व देखा होगा जिनका सच से कोई संबंध ही नहीं होता है लेकिन फिर भी ऐसी खबरें बहुत तेजी से वायरल होती है इस तरह की झूठी और भड़काऊ खबरों से लोगों की सोच को प्रभावित करता है जो कि एक तरह से बहुत बड़ा संकट है।
समय और पैसे की बर्बादी : अगर आप इंटरनेट का सही प्रकार से यूज नहीं करते हैं तो समय और पैसे दोनों की बर्बादी होना तय है।

मैं आशा करता हूं कि आपको इंटरनेट क्या होता है? यह जानकारी (What is Internet in hindi) समझ आ गई होगी।

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Ratin haldar

नमस्कार, दोस्तों मैं Ratin Haldar (Tech Haldar) का Founder हूं, पढ़ाई की बात करें तो मैं BCA Student हूं मैं इस वेबसाइट में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से रिलेटेड जानकारी के बारे में लिखता हूं मुझे बचपन से ही टेक्नोलॉजी से रिलेटेड जानकारी पढ़ना और लिखना पसंद है इसलिए मैं इनसे जुड़ी हुई विभिन्न जानकारियां आपके सामने सरल भाषा में पेश करता हूं।

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